इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि श्मशान की भूमि पर कई वर्षों से अवैध कब्जा किया गया था, जिसे हटाने के लिए पहले नोटिस जारी किया गया था। बावजूद इसके कब्जा नहीं हटाया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
अतिक्रमण हटाने पर स्थानीय लोगों में संतोष
प्रशासन की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने संतोष जताया है। उनका कहना है कि श्मशान भूमि पर अतिक्रमण होने से अंतिम संस्कार के लिए जगह की कमी हो रही थी। अब श्मशान भूमि को पुनः अपने वास्तविक स्वरूप में लाया जाएगा।
तहसील प्रशासन ने साफ किया है कि भविष्य में भी श्मशान भूमि या अन्य सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी गतिविधियों से बचें और सरकारी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास न करें।
प्रशासन का कड़ा संदेश
यह कार्रवाई प्रशासन की ओर से अतिक्रमणकारियों के लिए एक सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है। तहसीलदार ने कहा, "कानून का पालन हर किसी के लिए जरूरी है। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।"
